आज दिनांक 5-10-2020 की शिक्षा जगत से जुड़ी मुख्य खबरें। Education News in Hindi

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पीटीईटी का परीक्षा परिणाम घोषित

रघुवीर पारीक ने टॉप किया, प्रियंका चौधरी दूसरे और जागृती चौधरी ने तीसरी रैंक प्राप्त की, पहले 6 में से 4 पर लड़कियों रहीं

बीकानेर

चार वर्षीय पीटीईटी पाठ्यक्रम का परीक्षा परिणाम घोषित करते उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी।

डूंगर महाविद्यालय द्वारा आयोजित पीटीईटी प्रवेश परीक्षा का परिणाम रविवार को जारी किया गया। परीक्षा में पूरे प्रदेश में रघुवीर पारीक ने पहले, प्रियंका चौधरी ने दूसरी, और जागृती चौधरी ने तीसरी रैंक प्राप्त की। इस परीक्षा में पहले 6 रैंकर्स में से 4 पर लड़कियों ने बाजी मारी। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने बटन दबाकर परिणाम घोषित किया।

मंत्री ने फोन कर टॉपर्स को दी बधाई

भाटी ने अपने मोबाइल से छात्रों को बधाई एवं आशीर्वाद दिया। भाटी ने कहा कि प्रदेश को लोकप्रिय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पूरे प्रदेश को कोरोना मुक्त करने के लिए दृढ़ संकल्प हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ही एनएसएस, एनसीसी एवं स्काउट गाइड का इस पुनीत कार्य में हर सम्भव सहयोग लिया जा रहा है। राज्य सरकार ने कुल 6 मंत्रालयों को कोरोना बचाव संबंधी कार्य करने के की जिम्मेवारी दी है।

इसमें स्वायत्त शासन विभाग को नोडल आफिसर बनाया गया है साथ ही उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, चिकित्सा विभाग, खेल तथा महिला एवं बाल कल्याण विभाग को भी यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। समन्वयक डा. जीपी सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने पीटीईटी की जो जिम्मेवारी डूंगर कालेज को सौंपी थी उसे सफलतापूर्वक सम्पन्न करने में डूंगर कालेज ने अपना दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वाहन किया है।

सीबीएसई 12वीं की मार्कशीट स्कूलों को भेजी, माइग्रेशन इस सप्ताह भेजे जाएंगे

अजमेर

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं क्लास की मार्कशीट्स स्कूलों को भेजी जा चुकी हैं। अब अजमेर रीजन की ओर से माइग्रेशन भेजने की तैयारी है। 12वीं के प्रमाण पत्र में अभी कुछ और विलंब हो सकता है। सीबीएसई की ओर से 13 जुलाई को 12वीं का परिणाम घोषित किया गया था।

कोविड-19 को देखते हुए उस समय मूल मार्कशीट और माइग्रेशन जारी नहीं किए जा सके थे। डीजी लॉकर के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने इन दस्तावेज को डाउनलोड कर एडमिशन आदि में उपयोग में लिया था। तब से ही विद्यार्थी मूल दस्तावेजों का इंतजार कर रहे थे।

सीबीएसई सूत्राें के मुताबिक 12वीं की मार्कशीट भेजी जा चुकी हैं। माइग्रेशन भी आ चुके हैं, उन्हें भी भेजा जा रहा है। ये दस्तावेज राजस्थान व गुजरात के सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में भेजे जा रहे हैं। 12वीं के प्रमाण पत्र आने में कुछ और समय लग सकता है। इसे बाद में भेजा जाएगा।

10वीं की मार्कशीट अभी नहीं पहुंची

इधर, सीबीएसई की 10वीं क्लास के विद्यार्थियों की मार्कशीट आदि दस्तावेज अभी अजमेर रीजन ऑफिस को नहीं मिले हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही ये दस्तावेज भी रीजन ऑफिस को मिलने पर आगे भेजे जाएंगे।

सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा पर भी असर, 4689 में से मात्र 1996 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, सिर्फ 42% रही उपस्थिति

अजमेर

परीक्षा देकर केंद्र से आते अभ्यर्थी।

अभ्यर्थियों की उपस्थिति कम होने के कारण अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर सीट खाली रहीं
अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र पर पहुंचने का सिलसिला 8 बजे से ही शुरू हो गया था

यूपीएससी की सिविल सर्विसेज ( प्रारंभिक) परीक्षा पर भी कोरोना का असर पड़ा। रविवार को हुई इस परीक्षा में अभ्यर्थियों ने दिलचस्पी कम दिखाई। 4689 में से मात्र 1996 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। मात्र 42% उपस्थिति रही।

परीक्षा शहर के 11 केंद्रों पर आयोजित की गई

परीक्षा देने बाहर से अजमेर आए अभ्यर्थी निजी वाहनों से ही यहां पहुंचे। कोविड-19 काल में हुई परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति कम होने के कारण अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर सीट खाली रहीं। शहर में 4 हजार 689 अभ्यर्थी पंजीकृत किए गए थे, लेकिन परीक्षा देने 1996 अभ्यर्थी ही पहुंचे। 2693 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

8 बजे बाद से ही अभ्यर्थी केंद्र पर पहुंचने लगे थे

जिला प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक पहला पेपर सुबह 9.30 बजे से शुरू होने वाला था, लेकिन अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र पर पहुंचने का सिलसिला 8 बजे से ही शुरू हो गया था। दूसरी पारी में 4689 अभ्यर्थियों को कॉल किया गया था। इनमें से 1981 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे, जबकि 2708 अनुपस्थित रहे।

हर विषय से पूछे गए सवाल

खंगाराेत एंड चाैहान क्लासेज के निदेशक ज्वाला प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा में जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट, साइबर बीमा, हुंडी का स्वरूप, न्यू माेकाेल संयुग्मी वैक्सीन, इंफ्रास्ट्रक्चर, वाणिज्य पत्र, ब्याज व्याप्ति अनुपात, कार्बन के सामाजिक मूल्य, संरक्षित क्षेत्र- कावेरी बेसिन सहित अन्य से संबंधित सवाल पूछे गए। कृषि और पर्यावरण से संबंधित प्रश्न अवधारणात्मक रहे।

प्रदेश में छात्राएं कब बनेगी मैरीकॉम-बबीता फोगाट, राजस्थान स्कूली खेलों में छात्राओं के केवल 18 खेल

  • राजस्थान स्कूली खेलों में छात्राओं की कुश्ती, बॉक्सिंग, शूटिंग सहित कई खेल शामिल नहीं

जोधपुर. देश में हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक व केरल राज्यों में प्राथमिक स्तर से छात्राओं को खेलों में प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस वजह से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में इन राज्यों का दबदबा रहता है। वहीं राजस्थान में प्रदेश स्तर पर केवल 17-18 खेलों का ही आयोजन करवाया जा रहा है। इसका नतीजा है कि प्रदेश से बॉक्सिंग में मैरीकॉम, कुश्ती में बबीता फोगाट, साक्षी मलिक जैसी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नहीं निकल पाती है। इसका सबसे बड़ा कारण राजस्थान में स्कूली खेलों में छात्राओं की कुश्ती, बॉक्सिंग, शूटिंग जैसी अनेक खेलों का शामिल नहीं होना है।

नए खेलों के प्रस्ताव मांग कर इतिश्री कर लेते है

स्कूल गेम्स फैडरेशन ऑफ इंडिया 133 खेलों के राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित करवाती है। बार-बार निदेशालय पर संगठनों द्वारा दबाव बनाए जाने पर नए खेल जोडऩे के प्रस्ताव मांग लिए जाते हैं और इतिश्री कर दी जाती है। वर्ष 2017 से आज तक तीन बार 12, 13 और 21 नई खेलों के प्रस्ताव मांगे गए लेकिन एक भी नया खेल स्कूली राज्य की खेल प्रतियोगिता में नहीं जोड़ा गया है।

प्रदेश के विवि भी 30 खेल कराते हैं

राजस्थान के विश्वविद्यालयों में भी 30 व इनसे अधिक खेलों की प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर में 30 खेलों की प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। जिसमें शिक्षा विभाग के 18 खेलों के अलावा महिला क्रिकेट, महिला कुश्ती, महिला फुटबॉल, बॉक्सिंग, साइकिलिंग, योगा, बॉल बैडमिंटन, शतरंज, राइफ ल शूटिंग, पारंपरिक खेल मलखम्ब, जुडो, स्क्वेश आदि खेलों की प्रतियोगिताएं कराई जाती है। राजस्थान खेल परिषद द्वारा भी राज्य में
40 खेलों का आयोजन करवाया जाता है।

जिन खेलों के शारीरिक शिक्षक शिक्षा विभाग में नियुक्त हैं, वे सभी खेल राज्य स्कूली खेलों में जोड़े जाएं। ताकि राज्य खेलों का अधिकाधिक विकास हो सके।
हापुराम चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ

जेएनवीयू में 30 खेलों का आयोजन होता है। इनमें अधिकांश खेलों में छात्राओं के खेल कराए जाते हैं। खिलाड़ी जमीनी स्तर से तैयार होते हैं। इसलिए स्कूली खेलों में छात्राओं के खेल होने चाहिए।
-डॉ अमानसिंह सिसोदिया, हैड ऑफ डिपार्टमेंट, फिजीकल एजुकेशन, जेएनवीयू

सरकार से सवाल रीट में देरी क्यों ?

रीट के न सिलेबस में बदलाव, न ही परीक्षा के पैटर्न में, फिर भी 10 लाख बेरोजगारों को कराया जा रहा इंतजार

जयपुर

शिक्षक बनने का सपना देख रहे प्रदेश के 10 लाख से अधिक बेरोजगार राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट) के आयोजन का इंतजार कर रहे हैं

रीट के बाद शुरू होनी है 31 हजार पदों पर तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती

शिक्षक बनने का सपना देख रहे प्रदेश के 10 लाख से अधिक बेरोजगार राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट) के आयोजन का इंतजार कर रहे हैं। ना तो रीट के सिलेबस में कोई बदलाव है और ना ही इसके परीक्षा पैटर्न में। इसके बावजूद सरकार रीट का आयोजन नहीं कर रही है।
इसको लेकर बेरोजगारों में भारी आक्रोश है। पहले 2 सितंबर को रीट का आयोजन प्रस्तावित था। लेकिन कोरोना के चलते सरकार ने इसके आयोजन की प्रक्रिया शुरू नहीं की। बेरोजगारों का कहना है कि अब जब सभी प्रकार की परीक्षाएं आयोजित हो रही है तो फिर सरकार को रीट का आयोजन भी जल्दी से जल्दी कर लेना चाहिए।

प्रदेश में अभी केवल 3.18 लाख ही रीट-आरटेट योग्यताधारी बचे हैं। साढ़े नौ लाख रीट-आरटेट के प्रमाण पत्रों की वैधता अवधि तो पहले ही समाप्त हो चुकी है। रीट के बाद प्रदेश में 31 हजार पदों पर तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती प्रस्तावित है।

शिक्षक भर्ती का पैटर्न बना मुसीबत, इसी के चलते रीट में देरी

जानकारों का कहना है कि सरकार रीट में किसी प्रकार का बदलाव नहीं कर सकती। लेकिन इस बार शिक्षक भर्ती के पैटर्न में बदलाव प्रस्तावित है। इसमें सरकार यह तय नहीं कर पा रही है कि रीट के बाद शिक्षक भर्ती के लिए अलग से परीक्षा कराई जाए या वर्तमान में लागू प्रक्रिया में रीट और स्नातक के अंकों के वेटेज में बदलाव किया जाए। शिक्षक भर्ती के पैटर्न के चक्कर में रीट का आयोजन अटका हुआ है।

रीट प्रक्रिया शुरू हो तो भी मिल जाएगा शिक्षक भर्ती पैटर्न तय करने का समय

बेरोजगारों का कहना है कि सरकार रीट का आयोजन शुरू करे तो भी शिक्षक भर्ता का पैटर्न तय करने के लिए चार महीने से अधिक का समय मिल जाएगा। क्योंकि रीट की प्रक्रिया के बाद तीन महीने में तो रीट की परीक्षा होगी। इसके करीब एक महीने बाद परिणाम जारी होगा। शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया तो रीट के परिणाम के बाद शुरू होगी। ऐसे में तब तक शिक्षक भर्ती का पैटर्न तय कर लिया जाए। रीट में अनावश्यक देरी नहीं की जाए।

शिक्षामंत्री ने कहा था: 3 माह का समय देंगे अभ्यर्थी को

शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा था कि रीट का प्रक्रिया शुरू होने के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा। अगर इसके आधार पर गणना की जाए तो इस महीने प्रक्रिया शुरू होने पर भी अगले साल जनवरी में ही परीक्षा हो सकती है। हालांकि इसके आसार अभी नहीं लग रहे।
पहले 2 अगस्त फिर 2 सितंबर को था आयोजन

सरकार ने दिसंबर में 2 अगस्त को रीट के आयोजन की घोषणा की थी। फिर इस साल अप्रैल में इसको 2 सितंबर कर दिया। लेकिन 2 सितंबर को भी परीक्षा नहीं हो पाई और इसकी तिथि भी नहीं बताई।

साढ़े नौ लाख रीट-आरटेट प्रमाण पत्र रद्द

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा अब तक दो बार आरटेट, दो बार रीट हो चुकी है। इनमें 12,61,258 अभ्यर्थियों ने शिक्षक पात्रता प्राप्त की थी। 9,43,191 के प्रमाण पत्रों की वैधता अवधि खत्म होने के बाद अब 3,18,067 अभ्यर्थियों के पास रीट-आरटेट की योग्यता रह गई है।

शिक्षक भर्ती के पैटर्न के चक्कर में रीट का आयोजन अटका रखा है। जबकि रीट के सिलेबस और पैटर्न में किसी प्रकार का बदलाव नहीं है। इसलिए सरकार को इसका आयोजन जल्दी कर लेना चाहिए। रीट का परिणाम आने तक शिक्षक भर्ती का पैटर्न भी तय कर लिया जाए। – उपेन यादव, संयोजक, राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ

पिछले दिनों रीट को लेकर मीटिंग हुई थी। लेकिन अभी तक रीट के आयोजन को लेकर सरकार से बोर्ड के पास कोई निर्देश नहीं आए हैं। निर्देश मिलने के बाद बोर्ड तय समय में रीट की प्रक्रिया को पूरा कर देगा। – अरविंद कुमार सेंगवा, सचिव, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड

चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर

1532 स्कूलों में बालिकाओं की सुरक्षा के लिए लिखे जाएंगे चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर

दौसा

विद्यालय में सुरक्षित वातावरण निर्माण गतिविधि के अन्तर्गत ‘वॉल पेंटिंग कराई जाएगी। जिले में 1532 स्कूलों में वाॅल पेंटिंग पर 7.66 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1160 होगी, जिन्हें 5.80 लाख रुपए मिलेंगे।

वहीं माध्यमिक सैटअप में 372 विद्यालयों का चयन किया, जहां वाॅल पेंटिंग पर 1.86 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके माध्यम से बालिका सशक्तिकरण कार्यक्रम एवं कोविड-19 संक्रमण पश्चात् विद्यार्थियों द्वारा अपनाये जाने वाले दिशा-निर्देशों से रूबरू कराया जाएगा।

साथ ही मेरा विद्यालय-सुरक्षित विद्यालय वॉल पेंटिंग के द्वारा बालिकाओं को किसी भी आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा के मद्देनजर चाइल्ड हेल्पलाइन बताएं जाएंगे।

इसके लिए विद्यालय में मुख्य दीवार या ऐसे स्थान का चयन किया जाए, जहां सभी आगंतुको एवं छात्र-छात्राओं द्वारा यह आसानी से पढ़ सके। योग्य शिक्षिका/शिक्षक के नाम को (सुगमकर्ता के रूप में) अंकित करना अनिवार्य होगा।

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By Blackyogi0001

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